IMD Rain Alert 2026: को लेकर भारतीय मौसम विभाग ने एक अहम चेतावनी जारी की है, जो देश के लाखों लोगों के लिए सतर्क रहने का संकेत है। आने वाले 72 घंटों के भीतर मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है और उत्तर से लेकर मध्य भारत तक कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी और तूफानी हवाओं की आशंका जताई गई है। यह अलर्ट खास तौर पर उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, मध्य प्रदेश और राजस्थान के लिए जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी से भरी हवाओं के कारण यह सक्रिय मौसमी सिस्टम बन रहा है। इसका असर केवल बारिश तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि तेज हवाएं, बिजली गिरने की घटनाएं और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी देखने को मिल सकती है। IMD Rain Alert 2026 का मकसद लोगों को समय रहते आगाह करना है, ताकि नुकसान को कम किया जा सके।
IMD Rain Alert 2026: किन राज्यों में रहेगा सबसे ज्यादा असर
भारतीय मौसम विभाग ने साफ किया है कि अगले 72 घंटे यानी 5 से 7 फरवरी 2026 तक मौसम काफी संवेदनशील बना रहेगा। उत्तर प्रदेश के कई पूर्वी और पश्चिमी जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां भारी से बहुत भारी बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
बिहार और झारखंड में येलो से ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है। इन राज्यों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर में शहरी क्षेत्रों के लिए यह अलर्ट खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां जल निकासी की समस्या पहले से ही एक बड़ी चुनौती रहती है।
मध्य प्रदेश और राजस्थान के पूर्वोत्तर हिस्सों में भी IMD Rain Alert 2026 के तहत तूफानी हवाओं के साथ बारिश का अनुमान है। यह बारिश सर्दियों के मौसम में असामान्य मानी जा रही है और इसका सीधा असर रबी फसलों पर पड़ सकता है।
मौसम प्रणाली के पीछे क्या है कारण
IMD Rain Alert 2026 के पीछे मुख्य वजह पश्चिमी विक्षोभ का सक्रिय होना है। यह पश्चिमी विक्षोभ ऊपरी वायुमंडल में तेज है और जैसे ही इसे बंगाल की खाड़ी से नमी मिल रही है, वैसे ही बारिश की तीव्रता बढ़ रही है।
यह मौसमी सिस्टम उत्तर भारत से होते हुए मध्य भारत की ओर बढ़ रहा है। इसी कारण एक साथ कई राज्यों में मौसम बिगड़ने के संकेत मिल रहे हैं। कुछ पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी की भी संभावना जताई गई है, जिससे ठंड और बढ़ सकती है।
IMD अलर्ट सिस्टम कैसे करता है काम
भारतीय मौसम विभाग की अलर्ट प्रणाली आधुनिक तकनीक पर आधारित है। उपग्रह, रडार और सैकड़ों मौसम केंद्रों से मिले डेटा के आधार पर पूर्वानुमान जारी किया जाता है। IMD Rain Alert 2026 भी इसी सटीक प्रणाली का नतीजा है।
IMD अलर्ट को चार रंगों में बांटा जाता है। ग्रीन अलर्ट सामान्य स्थिति को दर्शाता है। येलो अलर्ट सावधानी बरतने का संकेत देता है। ऑरेंज अलर्ट उच्च खतरे की चेतावनी होती है, जबकि रेड अलर्ट सबसे गंभीर स्थिति को दर्शाता है। इस बार उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्सों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर
IMD Rain Alert 2026 का असर सबसे ज्यादा किसानों, यात्रियों और शहरी आबादी पर पड़ सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां खेत निचले इलाकों में हैं, वहां जलभराव और फसल खराब होने का खतरा ज्यादा है। शहरों में जल निकासी कमजोर होने के कारण सड़कों पर पानी भर सकता है, जिससे यातायात बाधित होगा।
रेल, सड़क और हवाई यात्रा पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। कई जगह ट्रेनों और बसों की रफ्तार धीमी हो सकती है। उड़ानों में देरी या रद्द होने की स्थिति भी बन सकती है।
स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं
तेज बारिश और ठंडी हवाओं के कारण बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। IMD Rain Alert 2026 के दौरान सर्दी-जुकाम, बुखार और अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
बिजली गिरने, पेड़ गिरने और फिसलन भरी सड़कों के कारण दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। इसलिए अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना ही समझदारी है।
जरूरी सावधानियां जो सभी को अपनानी चाहिए
IMD Rain Alert 2026 को देखते हुए कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना बेहद जरूरी है। अगर बहुत जरूरी न हो तो यात्रा को टाल दें। बाहर निकलते समय रेनकोट या छाता जरूर रखें।
निचले इलाकों में रहने वाले लोग जलभराव की स्थिति में सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर जाने की तैयारी रखें। वाहन चलाते समय गति धीमी रखें और पानी से भरी सड़कों से बचें।
घर में बिजली के उपकरणों की जांच करें और किसी भी तरह के खुले तार या लीकेज से दूर रहें। गैस सिलेंडर और चूल्हे की भी सुरक्षा जांच कर लें।
किसानों के लिए खास सलाह
IMD Rain Alert 2026 किसानों के लिए बेहद अहम है। रबी फसलें जैसे गेहूं, चना और सरसों इस समय संवेदनशील अवस्था में होती हैं। तेज बारिश और ओलावृष्टि से इन फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।
किसानों को सलाह दी जाती है कि वे खेतों में जल निकासी की व्यवस्था पहले से दुरुस्त कर लें। जहां संभव हो, फसलों को तिरपाल या प्लास्टिक शीट से ढकें। सिंचाई का काम फिलहाल रोक दें ताकि अतिरिक्त नमी न बढ़े।
अगर फसल को नुकसान होता है, तो तुरंत उसकी फोटो और वीडियो लेकर रिकॉर्ड रखें। फसल बीमा योजना के तहत क्लेम करने में यह साक्ष्य काम आएगा।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन की तैयारी
IMD Rain Alert 2026 को देखते हुए राज्य सरकारें और जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर हैं। कई राज्यों में कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए गए हैं और आपदा प्रबंधन बलों को तैनात किया गया है।
नगर निगम और स्थानीय प्रशासन जल निकासी के लिए पंप और अन्य संसाधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। संवेदनशील इलाकों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखी जा रही है।
आपात स्थिति में लोग 112 या 1077 जैसे हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।
कोहरे और ठंड का अतिरिक्त अलर्ट
बारिश के साथ-साथ IMD Rain Alert 2026 के तहत कुछ राज्यों में घने कोहरे की भी चेतावनी दी गई है। उत्तर प्रदेश, बिहार और आसपास के क्षेत्रों में सुबह और रात के समय दृश्यता कम रह सकती है। वाहन चालकों को खास सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
निष्कर्ष
IMD Rain Alert 2026 देश के छह राज्यों के लिए एक गंभीर चेतावनी है, लेकिन साथ ही यह समय रहते सतर्क होने का अवसर भी देता है। अगले 72 घंटे मौसम के लिहाज से चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। तेज बारिश, तूफानी हवाएं और जलभराव से जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
अगर आम लोग, किसान और प्रशासन मिलकर सावधानी बरतें, तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखें, जरूरी एहतियात अपनाएं और सुरक्षित रहें।




