IMD Weather Warning: को लेकर भारतीय मौसम विभाग ने एक अहम बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार देश के बड़े हिस्से में एक बार फिर मौसम तेजी से करवट लेने वाला है। उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती गतिविधियों के कारण आने वाले दिनों में बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की संभावना बढ़ गई है। इसी क्रम में चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ के प्रभाव को लेकर 21 राज्यों में सतर्कता बरतने की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बदलाव अचानक होगा और इसका असर उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के कई इलाकों में एक साथ देखने को मिल सकता है। ऐसे में आम नागरिकों के साथ-साथ किसानों को भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
कोहरे के बाद अब बारिश और तूफान का खतरा
बीते कुछ दिनों में कई राज्यों में धूप निकलने से लोगों को घने कोहरे और शीतलहर से कुछ राहत जरूर मिली थी। हालांकि यह राहत अस्थायी साबित हो सकती है। Weather Forecast Alert के अनुसार अब वातावरण में तेजी से नमी बढ़ रही है, जिससे बादल छाने और बारिश का सिलसिला शुरू होने की संभावना है।
दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अगले 24 से 48 घंटों में कोहरे की तीव्रता कम हो सकती है। इसके बाद आसमान में घने बादल छाने लगेंगे और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की आशंका भी जताई गई है।
ठंड का असर फिर बढ़ेगा
मौसम विभाग का मानना है कि बारिश के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। दिन के समय तापमान थोड़ा बढ़ सकता है, लेकिन रात के समय ठंड का असर दोबारा तेज हो जाएगा। हवा में नमी बढ़ने से ठिठुरन वाली ठंड महसूस होगी, जिससे सर्दी का प्रभाव फरवरी और मार्च के शुरुआती दिनों तक बना रह सकता है।
Weather Forecast Alert के मुताबिक उत्तर भारत के कई राज्यों में न्यूनतम तापमान फिर से गिर सकता है। इससे बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
किन राज्यों में ज्यादा असर दिखेगा
चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना है। इसके अलावा पूर्वी और दक्षिणी भारत के कुछ तटीय क्षेत्रों में भी तेज हवाएं चल सकती हैं।
IMD के Weather Forecast Alert में बताया गया है कि कुछ राज्यों में येलो अलर्ट जबकि कुछ संवेदनशील इलाकों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसका मतलब है कि मौसम सामान्य से ज्यादा खराब हो सकता है और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
किसानों के लिए अहम कृषि सलाह
मौसम में अचानक बदलाव का सबसे ज्यादा असर खेती-किसानी पर पड़ता है। Weather Forecast Alert के साथ कृषि विभाग ने किसानों के लिए कुछ जरूरी सलाह भी जारी की है।
रबी फसलों जैसे गेहूं, सरसों, चना और मटर पर बारिश और ओलावृष्टि का खतरा बना हुआ है। जिन इलाकों में फसल कटाई के करीब है, वहां विशेष सावधानी जरूरी है। किसानों को सलाह दी गई है कि कटी हुई फसलों को खुले में न रखें और सुरक्षित स्थान पर भंडारण करें।
ओलावृष्टि की चेतावनी
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत के कम से कम पांच राज्यों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। इससे खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है। किसान तिरपाल या अन्य साधनों से फसल को ढकने की व्यवस्था करें और खेतों में जल निकासी का उचित इंतजाम रखें।
खाद और खेती से जुड़े ताजा अपडेट
Weather Forecast Alert के साथ किसानों के लिए कुछ अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी सामने आई हैं।
वर्ष 2026 के लिए उर्वरकों की नई दरें जारी की जा चुकी हैं। यूरिया, डीएपी, पोटाश और एनपीके खाद की कीमतों में आंशिक बदलाव किया गया है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक दरों पर ही खाद की खरीद करें और किसी भी अफवाह से बचें।
गर्मी के मौसम में मक्का की खेती करने वाले किसानों के लिए उन्नत हाइब्रिड किस्मों की सिफारिश की गई है। सही बीज और उचित प्रबंधन से प्रति एकड़ बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।
आम नागरिकों के लिए जरूरी सावधानियां
Weather Forecast Alert को देखते हुए आम लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। बारिश और तेज हवाओं के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। खुले स्थानों पर खड़े वाहनों और पेड़ों के नीचे रुकने से बचना चाहिए।
घर से बाहर निकलते समय मौसम की ताजा जानकारी जरूर जांच लें। बिजली गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों में खुले मैदानों से दूर रहें। जलभराव वाले इलाकों में वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें।
स्वास्थ्य को लेकर सलाह
मौसम में बदलाव के कारण सर्दी, खांसी, जुकाम और वायरल संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि लोग गर्म कपड़े पहनें और भीगने से बचें। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष देखभाल की जरूरत है।
Weather Forecast Alert के अनुसार अचानक ठंड बढ़ने से हृदय और सांस से जुड़ी समस्याओं वाले लोगों को परेशानी हो सकती है, इसलिए नियमित दवाएं लेते रहें और लक्षण बढ़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन की तैयारी
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद राज्य और जिला प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। संवेदनशील इलाकों में आपदा प्रबंधन टीमें तैयार रखी गई हैं। नगर निगम और स्थानीय प्रशासन को जल निकासी और यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।
Weather Forecast Alert का उद्देश्य समय रहते लोगों को सावधान करना है ताकि जान-माल का नुकसान कम से कम हो।
निष्कर्ष
Weather Forecast Alert के तहत चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में मौसम को प्रभावित कर सकते हैं। बारिश, तेज हवाएं, ओलावृष्टि और ठंड का असर फिर से बढ़ने की संभावना है। ऐसे में आम नागरिकों और किसानों को मौसम विभाग की सलाह का पालन करना चाहिए और सतर्क रहना चाहिए।
समय पर जानकारी और सावधानी से न केवल नुकसान को कम किया जा सकता है, बल्कि रोजमर्रा की गतिविधियों को भी सुरक्षित रूप से जारी रखा जा सकता है।




